कोलकाता के ‘आईक्योर’ को एसईओवाय इंडिया अवॉर्ड, 2020 के लिए फाइनलिस्ट  के तौर पर चुना गया

कोलकाता के ‘आईक्योर’ को एसईओवाय इंडिया अवॉर्ड, 2020 के लिए फाइनलिस्ट के तौर पर चुना गया

कोलकाता: वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की सहयोगी संस्था, श्वॉब फाउंडेशन फॉर सोशल एंटरप्रेन्योरशिप और जुबिलैन्‍ट भारतिया ग्रुप की ग़ैर-लाभकारी संस्था जुबिलैन्‍ट फाउंडेशन ने सोमवार को 11वें सोशल एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर (एसईओवाय)- इंडिया अवॉर्ड, 2020 के फाइनलिस्‍ट की घोषणा की।

विजेता का चुनाव एक विशिष्ट समिति द्वारा किया जाएगा जिसमें उद्योग जगत की नामचीन हस्तियाँ और विभिन्न पृष्ठभूमियों से आए प्रतिष्ठित व्यक्ति शामिल हैं। एसईओवाय इंडिया का विजेता श्वॉब फाउंडेशन फॉर सोशल एंटरप्रेन्योरशिप समुदाय में शामिल होगा जोकि दुनिया भर के सोशल इनोवेटर्स का एक प्रतिष्ठित नेटवर्क है।

सोशल इनोवेटर्स (सामाजिक अन्‍वेषकों) को एसईओवाय इंडिया अवॉर्ड, 2020 के लिए फाइनलिस्‍ट के तौर पर चुने गए नाम है: सुजय सन्त्रा, आईक्योर, कोलकाता, संदीप पटेल, एनईपीआरए, अहमदाबाद, अशरफ पटेल, प्रवाह एंड कम्यूटिनी, नई दिल्ली और मधु पंडित दासा, द अक्षय पात्र फाउन्डेशन, बेंगलुरु।

इन सोशल इनोवेटर्स को विभिन्न मापदंडों पर आधारित मूल्यांकन की एक कड़ी छानबीन प्रक्रिया के ज़रिए चुना गया है जिसमें शामिल है पृष्ठभूमि के बारे में शोध, व्यक्तिगत और ज़मीनी स्तर पर टीम के साथ बातचीत, प्रभाव आकलन, विशेषज्ञ समीक्षा और संदर्भ जाँच इत्यादि।

चुने गए फाइनलिस्‍ट तकनीकी रुप से सक्षम, निपुण सामाजिक उद्यमी हैं जो अपशिष्ट प्रबंधन, ग्रामीण स्वास्थ्य, युवा नेतृत्व और बच्चों में कुपोषण के क्षेत्र में कार्य करते हैं। उनके प्रयासों से भारत में सीमांत और  मुख्य धारा के लोगों के बीच अंतर कम करने में सहायता मिल रही है।उनके अपने-अपने कार्यक्रमों में विघटनकारी नवाचारों का इस्तेमाल करते हुए यह इनोवेटर्स ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका उत्पादन, प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार, कचरा उठाने वालों के बीओपी समुदायों का गठन, किशोरवयीन और युवाओं के कमज़ोर समूहों को आकार देना और कुपोषित बच्चों को पोषण उपलब्ध कराने के ज़रिए बदलाव ला रहे हैं।

एसईओवाय इंडिया अवॉर्ड, 2020 के लिए इस साल मार्च में आवेदन मंगाने का कार्य शुरू किया गया और 23 शहरों से महिला सामाजिक उद्यमियों से 20 आवेदनों सहित 100 से ज़्यादा विविध आवेदन प्राप्त हुए हैं। जिन वर्गों को शामिल किया गया वे थे क्लीन टेक्नोलॉजी, मीडिया कम्यूनिकेशन्स, विकलांगता, ऊर्जा, उद्यम विकास, श्रमिक परिस्थिति, माइक्रोफाइनेंस, पोषण, संवहनीय खेती और पानी और सफाई व्यवस्था।

प्राप्त हुए आवेदनों की कुल संख्या में, सबसे ज़्यादा आवेदन स्वास्थ्य क्षेत्र (47%) से आए और उसके बाद पर्यावरण (37 %), शिक्षा और आजीविका (35%) और ग्रामीण विकास (23%) का स्‍थान रहा।

एसईओवाय इंडिया अवॉर्ड ने भारत में सामाजिक उद्यमियों के लिए एक सबसे प्रतिष्ठित और इच्छित अवॉर्ड के रुप में स्वयं को स्थापित किया है। यह वार्षिक अवॉर्ड उन उद्यमियों को मान्यता प्रदान करता है जो भारत की सामाजिक समस्याओं को सुलझाने के लिए नवाचारी, संवहनीय और विस्‍तृत समाधान लागू करते हैं। यह उद्यमी अल्प सेवा प्राप्त समुदायों द्वारा सामना की जा रही बड़ी समस्याओं को संबोधित करते हैं।

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