आइसीसी ने लाइव वेब स्टोर के लॉन्च की घोषणा की

आइसीसी ने लाइव वेब स्टोर के लॉन्च की घोषणा की

कोलकाता: इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स (आइसीसी) ने अपने अत्याधुनिक वेब स्टोर को लॉन्च करने की घोषणा की हैं। वेब स्टोर पर एमएसएमई द्वारा भारतीय टेक्सटाइल, हैंडलूम, परिधान, पोशाक, खादी, जूट आदि का प्रदर्शन होगा। यह भारतीय उत्पादों के लिए आत्म निर्भर भारत अभियान के तहत 14-16 दिसंबर 2020 के बीच 3 दिवसीय वैश्विक ऑनलाइन एल2जी (लोकल टू ग्लोबल) प्रदर्शनी होगी।

वेब स्टोर में वर्चुअल खरीददार और विक्रेता बैठक हो सकेगी जिसे मध्य पूर्व, यूरोप, अमेरिका आदि के भारतीय मिशन समर्थन कर रहे हैं। आयोजन अंतरराष्ट्रीय खरीददारों और भारतीय विक्रेताओं, दोनों को ही भाग लेने, चर्चा करने और विश्व भर में अपना नेटवर्क बढ़ाने के लिए उत्साहित करेगा। मूल रूप से प्रदर्शनी बिजनेस टू बिजनेस बातचीत और उद्यम पर केंद्रित होगी।

इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स के डायरेक्टर जनरल डॉ राजीव सिंह ने कहा, “कोविड महामारी के बाद जब भारत  का पुनरुत्थान हो रहा है, हमारी कोशिश है कि इस महामारी से हम बाहर निकल सकें। विशेषकर जहां व्यापार पर प्रतिकूल असर पड़ा है और उद्योग सर्वकालिक निम्न स्तर पर है, इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स ने इस अभिनव परिकल्पना पर पहल की है कि भारतीय विक्रेताओं को मंच प्रदान किया जाये जहां वह अपने उत्पाद बेहद कम कीमत पर प्रदर्शित कर सकते हैं और अंतरराष्ट्रीय आयातकों के साथ बातचीत करके अंतरराष्ट्रीय बाजार में पैठ जमा सकते हैं साथ ही कारोबार का पहिया भी दौड़ा सकते हैं।”

“टेक्सटाइल ई-सोर्सिंग फेयर” के अक्तूबर 2020 में सफलता के मद्देनजर आइसीसी की योजना उक्त सफल आयोजन को परिपूर्ण एक बार फिर दिसंबर में आगामी वर्चुअल वेब स्टोर के जरिये करना है।

इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स 95 वर्ष पुराना एसोसिएशन है जो विश्वव्यापी बिजनेस राउंडटेबल, थॉट लीडरशिप, नीति समर्थन, सेमिनार, कार्यशाला और सम्मेलन के जरिये उद्योग को लाभावन्वित करने में कुशल है। एक समर्पित वेबसाइट http://www.iccvirtualexpo.com  लॉन्च की गयी है ताकि वेब स्टोर को सक्षम किया जा सके। प्रदर्शकर्ताओं के पास अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए अपना वेब स्टोर पेज होगा जहां वह अपने कंपनी के बारे में बता सकते हैं, अपना वीडियो चला सकते हैं और उत्पादों की तस्वीर लगा सकते हैं।

भारत सरकार के वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय के लिए आइसीसी नोडल संस्थान रही है ताकि टेक्सटाइल और संबंधित उत्पादों का निर्यात बाजार पहुंच वाली योजनाओं के जरिये बढ़ावा दिया जा सके।

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